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1. "जलाते चलो" कविता के रचयिता कौन हैं?

2. "अंधकार" कविता में किसका प्रतीक है?

3. "तूफ़ान" कविता में किसका प्रतीक है?

4. कविता में "दीया" किसका प्रतीक है?

5. कविता का मुख्य संदेश क्या है?

6. "कभी तो धरा का अंधेरा मिटेगा" इस पंक्ति का क्या अर्थ है?

7. कविता में "दीया" और "तूफ़ान" का संघर्ष किसके बीच है?

8. "जलाते चलो ये दिये" इस पंक्ति में "दिये" किस चीज़ का प्रतीक हैं?

9. कविता में "अंधकार" को कैसे मिटाने का संदेश दिया गया है?

10. "तूफ़ान" से दीये को क्या खतरा होता है?

11. "जली जो प्रथम बार लौ दीप की" इस पंक्ति में 'लौ' का क्या मतलब है?

12. "तूफ़ान" का किससे सामना करना चाहिए?

13. "धरा" शब्द का कविता में क्या मतलब है?

14. "धरती पर दिया एक भी यदि" पंक्ति का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?

15. "सूरज-सी जल रही और जलती रहेगी" पंक्ति का क्या अर्थ है?

16. "अंधकार मिटाना" कविता में किसका प्रतीक है?

17. कविता "जलाते चलो" का मुख्य उद्देश्य क्या है?

18. "प्रथम बार लौ दीप की" पंक्ति में 'प्रथम बार' का क्या संकेत है?

19. कविता में "सूरज" का क्या मतलब है?

20. कविता में दीया जलाने का क्या परिणाम बताया गया है?