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1. कथायां “व्याघ्रमारी” शब्दस्य अर्थः कः? (“व्याघ्रमारी” शब्द का अर्थ क्या है?)

2. कथायाः उद्देशः कः? (कहानी का उद्देश्य क्या है?)

3. व्याघ्रः कस्मै स्वकथा प्रोक्तवान्? (बाघ ने अपनी बात किससे कही?)

4. जम्बुकः व्याघ्रम् पुनः काननं प्रति किमर्थम् निनाय? (लोमड़ी बाघ को फिर जंगल में क्यों ले गई?)

5. बुद्धिमती जम्बुकम् दृष्ट्वा किं कृत्वा तर्जयामास? (बुद्धिमती ने जम्बुक को देखकर क्या किया?)

6. बुद्धिमती जम्बुकम् किम् उक्तवती? (बुद्धिमती ने लोमड़ी से क्या कहा?)

7. ततः व्याघ्रः किम् अकरोत्? (फिर बाघ ने क्या किया?)

8. गलबद्ध शृगालकः कः आसीत्? ("गले में बंधी लोमड़ी" कौन थी?)

9. कथायाम् मुख्योपदेशः किम्? (कहानी की मुख्य शिक्षा क्या है?)

10. “भयाकुलचित्तः” शब्दस्य अर्थः कः? (भयाकुलचित्त का अर्थ क्या है?)

11. बुद्धिमती कथांनुसार कदा मुक्ताभवत्? (बुद्धिमती कब बच गई?)

12. जम्बुकस्य स्वभावः कः? (लोमड़ी का स्वभाव कैसा था?)

13. व्याघ्रः प्रथमं किम् चिन्तितवान्? (बाघ ने पहले क्या सोचा?)

14. कथायां पुत्रयोः भूमिका कीदृशी? (कहानी में पुत्रों की भूमिका कैसी थी?)

15. काननं शब्दस्य अर्थः कः? (कानन शब्द का अर्थ क्या है?)

16. “धूर्त्यत्” शब्दस्य अर्थः कः? (धूर्त्य का अर्थ क्या है?)

17. “प्रत्युत्पन्नमतिः” शब्देन को बोध्यते? (इस शब्द से किसका भाव आता है?)

18. कथायाम् व्याघ्रः शृगालम् किमर्थं निनाय? (बाघ लोमड़ी को क्यों लेकर आया?)

19. कथायाः शीर्षकस्य अर्थः कः? “बुद्धिर्बलवती सदा”