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1. मङ्गलश्लोके किं पुरस्तात् उन्नतं भवति? (मंगल श्लोक में पूर्व दिशा में ऊपर उठने वाली क्या है?)

2. मङ्गलश्लोके अदीनाः स्याम इति किं अर्थः? (मंगल श्लोक में 'अदीनाः स्याम' का क्या अर्थ है?)

3. द्वितीय मङ्गलश्लोके भद्राः क्रतवो यन्तु इति किं भवति? (दूसरे मंगल श्लोक में 'भद्राः क्रतवो यन्तु' का क्या अर्थ है?)

4. मङ्गलश्लोके अप्रायुवो इति किं भवति? (मंगल श्लोक में 'अप्रायुवो' का क्या अर्थ है?)

5. मङ्गलश्लोके दिवे दिवे इति किं अर्थः? (मंगल श्लोक में 'दिवे दिवे' का क्या अर्थ है?)

6. मङ्गलश्लोके भूयश्च शरदः शतात् इति किं अर्थः? (मंगल श्लोक में 'भूयश्च शरदः शतात्' का क्या अर्थ है?)

7. कवेः नाम किं? (कवि का नाम क्या है?)

8. कविः कस्मिन् विषये चिन्तितमनाः दृश्यते? (कवि किस विषय पर चिंतित मन वाला दिखता है?)

9. कविः कस्मात् शोषकं इति ब्रवीति? (कवि किसे शोषक कहता है?)

10. प्रथम पद्यांशे जीवितं किं जातम्? (पहले पद्यांश में जीवन क्या हो गया है?)

11. महानगरमध्ये किं चलति? (महानगर में क्या चलता है?)

12. लौहचक्रम् किं करोति? (लौह चक्र क्या करता है?)

13. दुर्दान्तैर्दशनैः किं न भवति? (दुर्दांत दांतों से क्या नहीं होता?)

14. द्वितीय पद्यांशे कज्जलमलिनं धूमं कः मुञ्चति? (दूसरे पद्यांश में काजल मलिन धुआं कौन छोड़ता है?)

15. वाष्पयानमाला किं करोति? (वाष्प यानमाला क्या करती है?)

16. यानानां पङ्क्तयः किम्? (यानों की पंक्तियां क्या हैं?)

17. तृतीय पद्यांशे वायुमण्डलं किं? (तीसरे पद्यांश में वायुमंडल क्या है?)

18. भक्ष्यं किं? (भक्ष्य क्या है?)

19. करणीयं किं? (करणीय क्या है?)

20. चतुर्थ पद्यांशे कविः किं प्रपश्यामि इति? (चौथे पद्यांश में कवि क्या देखना चाहता है?)