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1. त्रिपाठी जी का कौन-सा नाटक प्रसिद्ध है?

2. ‘मृत्यु एक सरिता है’ इस पंक्ति का क्या अर्थ है?

3. ‘तुम जिसका जल अन्न ग्रहण कर’ इस पंक्ति में किसकी महत्ता बताई गई है?

4. त्रिपाठी जी की शैली का प्रमुख गुण क्या है?

5. त्रिपाठी जी को कौन-सा पुरस्कार मिला?

6. ‘अमल असीम त्याग से विलसित’ में ‘अमल’ का अर्थ क्या है?

8. ‘विषुवत् रेखा का वासी’ से कवि का क्या अभिप्राय है?

9. त्रिपाठी जी का साहित्य किस भाव से ओतप्रोत है?

10. ‘सागर निज छाती पर जिनके’ इस पंक्ति में किसका बोध होता है?

11. त्रिपाठी जी ने कौन-से साहित्य का संकलन किया?

12. ‘गोस्वामी तुलसीदास और उनकी कविता’ किस प्रकार की रचना है?

13. ‘तुम जिसका जल अन्न ग्रहण कर’ में कवि किसको संबोधित कर रहा है?

14. त्रिपाठी जी का साहित्य किन दो तत्वों पर आधारित है?

15. ‘रण-गर्जन’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?

16. त्रिपाठी जी का भाषा शैली का एक गुण कौन-सा है?

17. त्रिपाठी जी का साहित्य किस भाषा का प्रबल उदाहरण है?

18. ‘मृत्यु एक विश्राम स्थल है’ यह किस विचार को प्रकट करता है?

19. त्रिपाठी जी ने ‘स्वदेश-प्रेम’ कविता में किसकी महिमा गाई है?

20. ‘प्रेम वही है जिसकी तृप्ति आत्म-बलि पर निर्भर’ का आशय क्या है?