Time Left: 600 sec

1. वृत्तं यत्नेन संरक्षेद् इति कस्मात् ग्रन्थात्? (वृत्त को प्रयत्न से बचाना चाहिए यह किस ग्रंथ से है?)

2. वित्ततः क्षीणः कीदृशः भवति? (धन से खोने वाला कैसा होता है?)

3. वृत्ततः क्षीणः कः भवति? (चरित्र से खोने वाला कौन होता है?)

4. आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत् इति कस्मात्? (अपने लिए बुरा काम दूसरों के लिए न करें यह किससे है?)

5. सर्वे जन्तवः केन तुष्यन्ति? (सभी जीव किससे खुश होते हैं?)

6. वचने का दरिद्रता? (बात में क्या गरीबी?)

7. परोपकाराय सतां विभूतयः इति कस्मात्? (सज्जनों की संपत्ति दूसरों के हित के लिए यह किससे है?)

8. नद्यः स्वयम् अम्भः किं कुर्वन्ति? (नदियां खुद पानी क्या करती हैं?)

9. वृक्षाः स्वयं फलानि किं कुर्वन्ति? (पेड़ खुद फल क्या करते हैं?)

10. गुणेषु प्रयत्नः कदा कर्तव्यः? (गुणों में प्रयत्न कब करना चाहिए?)

11. गुणयुक्तः दरिद्रः किं न भवति? (गुणी गरीब क्या नहीं होता?)

12. खलसज्जनानां मैत्री कीदृशी? (दुष्ट और सज्जन की मित्रता कैसी होती है?)

13. आरम्भगुर्वी का भवति? (शुरू में भारी क्या होती है?)

14. पुरा लघ्वी का भवति? (पहले हल्की क्या होती है?)

15. सरोवराणां हानिः कदा भवति? (तालाबों का नुकसान कब होता है?)

16. गुणा गुणज्ञेषु किं भवन्ति? (गुणी लोगों में गुण क्या बनते हैं?)

17. गुणाः निर्गुणं प्राप्य किं भवन्ति? (गुणहीनों में गुण क्या बन जाते हैं?)

18. आस्वाद्यतोयाः काः प्रवहन्ति? (मीठे पानी वाली कौन बहती हैं?)

19. नद्यः समुद्रमासाद्य किं भवन्ति? (समुद्र में मिलकर नदियां क्या हो जाती हैं?)

20. कस्य ग्रन्थात् “आरम्भगुर्वी...” श्लोकः? (आरम्भगुर्वी वाला श्लोक किस ग्रंथ से है?)