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1. मल्लिका धर्मयात्रायाः कृते किं प्रसादं आनयति? (मल्लिका धर्मयात्रा से क्या प्रसाद लाती है?)
A. मोदकान् (मोदक)
B. गङ्गाजलम् (गंगा जल)
C. फलानि (फल)
D. पुष्पाणि (फूल)
2. चन्दनः कस्य गन्धेन प्रसन्नः भवति? (चन्दन किसकी खुशबू से खुश होता है?)
A. मोदकगन्धेन (मोदक की खुशबू से)
B. धेनुगन्धेन (गाय की खुशबू से)
C. पुष्पगन्धेन (फूल की खुशबू से)
D. तैलगन्धेन (तेल की खुशबू से)
3. कः चन्दनं “मातुल” इति सम्बोधयति? (कौन चन्दन को “मामा” कहता है?)
A. मल्लिका (मल्लिका)
B. उमा (उमा)
C. कुम्भकारः (कुम्भकार)
D. नन्दिनी (नंदिनी)
4. चन्दनः कथं धेनोः सेवां करोति? (चन्दन गाय की सेवा कैसे करता है?)
A. घास-गुड-भोजनम् (घास-गुड़ खिलाना)
B. तैल-तिलक-नीराजनम् (तेल-तिलक-आरती)
C. विषाणलेपः (सींग पर मालिश)
D. सर्वाणि उपर्युक्तानि (सभी ऊपर दिए गए)
5. मल्लिका चन्दनं किं कथयति यदा सः मासान्ते दोहनस्य योजना बनाता है? (जब चन्दन महीने के अंत में दुहने की योजना बनाता है तब मल्लिका क्या कहती है?)
A. अत्युत्तमः विचारः (बहुत अच्छा विचार)
B. मूर्खतापूर्णः (मूर्खता भरा)
C. कष्टकरः (परेशानी वाला)
D. अनुपयोगी (बेकार)
6. कुम्भकारः घटान् किमर्थं रचयति? (कुम्भकार घड़े क्यों बनाता है?)
A. जीविकाहेतोः (जीविका के लिए)
B. दानार्थम् (दान के लिए)
C. पूजार्थम् (पूजा के लिए)
D. खेलार्थम् (खेल के लिए)
7. चन्दनः घटमूल्यं कदा दातुम् इच्छति? (चन्दन घड़े का दाम कब देना चाहता है?)
A. अधुना (अभी)
B. दुग्धविक्रयात् पश्चात् (दूध बेचने के बाद)
C. मासान्ते (महीने के अंत में)
D. उत्सवात् पश्चात् (उत्सव के बाद)
8. नन्दिनी दुग्धं किमर्थं न ददाति? (नंदिनी दूध क्यों नहीं देती?)
A. मासपर्यन्तं अदोहनात् (महीने भर न दुहने से)
B. अल्पभोजनात् (कम खाने से)
C. अधिकसेवात् (ज्यादा सेवा से)
D. रोगात् (बीमारी से)
9. पाठस्य अन्ते कः श्लोकः गायति सर्वैः? (पाठ के अंत में सब मिलकर कौन सा श्लोक गाते हैं?)
A. आदानस्य प्रदानस्य कर्तव्यस्य च कर्मणः।
B. कार्यमद्यतनीयं यत् तदद्यैव विधीयताम्।
C. सुविचार्य विधातव्यं कार्यं कल्याणकाङ्क्षिणा।
D. ज्ञात्वाऽपि जीविकाहेतोः रचयामि घटानहम्।
10. चन्दनः कस्य कृपया धनिकः भविष्यामीति मन्यते? (चन्दन किसकी कृपा से धनी बनेगा ऐसा सोचता है?)
A. नन्दिन्याः (नंदिनी की)
B. मल्लिकायाः (मल्लिका की)
C. कुम्भकारस्य (कुम्भकार की)
D. उमायाः (उमा की)
11. मल्लिका काशीं कदा प्रत्यागच्छति? (मल्लिका काशी से कब लौटती है?)
A. सप्ताहान्ते (सप्ताह के अंत में)
B. मासान्ते (महीने के अंत में)
C. उत्सवदिने (उत्सव के दिन)
D. प्रातःकाले (सुबह)
12. चन्दनः उमायाः वचनं कथं स्वीकरोति? (चन्दन उमा की बात कैसे मानता है?)
A. प्रसन्नमनसा (खुशी से)
B. क्रुद्धमनसा (गुस्से से)
C. उदासीनमनसा (उदासीन होकर)
D. भयेन (डर से)
13. कुम्भकारः कथं घटान् दाति? (कुम्भकार घड़े कैसे देता है?)
A. मूल्यं गृहीत्वा (पैसे लेकर)
B. दुग्धविक्रयात् पश्चात् मूल्यं गृहीत्वा (दूध बेचने के बाद पैसे लेकर)
C. निःशुल्कम् (मुफ्त)
D. आभूषणं गृहीत्वा (गहना लेकर)
14. चन्दनः कदा पतति? (चन्दन कब गिरता है?)
A. नन्दिनी प्रहरति यदा (नंदिनी लात मारती है तब)
B. घटः भङ्गति यदा (घड़ा टूटता है तब)
C. मोदकं खादति यदा (मोदक खाता है तब)
D. मल्लिका आगच्छति यदा (मल्लिका आती है तब)
15. मल्लिका नन्दिनीं कथं दोग्धुम् प्रयतते? (मल्लिका नंदिनी को कैसे दुहने की कोशिश करती है?)
A. स्नेहेन वात्सल्येन च (प्यार और ममता से)
B. क्रोधेन (गुस्से से)
C. भयेन (डर से)
D. ताडयित्वा (मारकर)
16. चन्दनः किम् अनुभवति यत् अद्यतनीयं कार्यं अद्यैव करणीयम्? (चन्दन क्या समझता है कि आज का काम आज ही करना चाहिए?)
A. नन्दिन्याः पादप्रहारेण (नंदिनी की लात से)
B. मल्लिकायाः उपदेशेन (मल्लिका के उपदेश से)
C. कुम्भकारस्य गीतेन (कुम्भकार के गीत से)
D. उमायाः वचनेन (उमा के कहने से)
17. मल्लिकया कः श्लोकः पठितः इति उक्तम्? (मल्लिका ने कौन सा श्लोक पढ़ा था ऐसा कहा गया?)
A. सुविचार्य विधातव्यं कार्यं कल्याणकाङ्क्षिणा।
B. कार्यमद्यतनीयं यत् तदद्यैव विधीयताम्।
C. आदानस्य प्रदानस्य कर्तव्यस्य च कर्मणः।
D. ज्ञात्वाऽपि जीविकाहेतोः रचयामि घटानहम्।
18. सर्वे मिलित्वा किम् गायन्ति? (सब मिलकर क्या गाते हैं?)
A. दिनस्य कार्यं तस्मिन्नेव दिने कर्तव्यम्।
B. क्षिप्रमक्रियमाणस्य कर्मणः कालः पिबति तद्रसम्।
C. यः करोत्यविचार्यैतत् स विषीदति मानवः।
D. विपरीता गतिर्यस्य स कष्टं लभते ध्रुवम्।
19. चन्दनः मल्लिकायाः यात्रायाः कृते किं मङ्गलकामनां करोति? (चन्दन मल्लिका की यात्रा के लिए क्या मंगल कामना करता है?)
A. शिवास्ते सन्तु पन्थानः (शिव तुम्हारे रास्ते हों)
B. गङ्गा रक्षतु त्वाम् (गंगा तुम्हारी रक्षा करे)
C. विश्वनाथः आशीर्वादं ददातु (विश्वनाथ आशीर्वाद दे)
D. सख्यः सहाय्यं कुर्वन्तु (सखियाँ मदद करें)
20. पाठस्य मुख्य शिक्षा का? (पाठ की मुख्य शिक्षा क्या है?)
A. दैनन्दिनं कार्यं तस्मिन्नेव दिने कर्तव्यम् (रोज का काम रोज करना चाहिए)
B. धेनोः सेवां अधिकं करणीयम् (गाय की ज्यादा सेवा करनी चाहिए)
C. घटान् शीघ्रं क्रेतव्यम् (घड़े जल्दी खरीदने चाहिए)
D. मोदकानि पूजायै रचयेत् (मोदक पूजा के लिए बनाने चाहिए)
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