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2. धर्मचन्दः कस्य अपहृतवान्? (धर्मचंद ने किसका धन चुराया?)
A. राज्ञः (राजा का)
B. मनोहरस्य (मनोहर का)
C. स्वपितुः (अपने पिता का)
D. अन्यस्य (किसी और का)
3. तौ धनं कुत्र निक्षिप्तवन्तौ? (उन्होंने धन कहाँ रखा?)
A. गृहस्य कोणे (घर के कोने में)
B. निम्बवृक्षस्य मूले (नीम के पेड़ की जड़ में)
C. कोषे (तिजोरी में)
D. नदीसमीपे (नदी के पास)
4. धर्मचन्दः धनं कदा आह्वतवान्? (धर्मचंद ने धन कब निकाला?)
A. तदनन्तरं (बाद में)
B. प्रथमे दिने (पहले दिन)
C. निभृतं अन्येद्यु: (चुपके से अगले दिन)
D. राज्ञः आज्ञया (राजा के आदेश से)
5. राजा कः निर्णयं प्रकटयिष्यति इति? (राजा निर्णय कैसे सुनाएगा?)
A. स्वविवेकात् (अपने विवेक से)
B. निम्बवृक्षस्य साक्ष्येन (नीम के पेड़ की गवाही से)
C. सैनिकानाम् सहाय्येन (सैनिकों की मदद से)
D. मनोहरस्य वचनात् (मनोहर के कथन से)
6. निम्बवृक्षः कस्य नामं स्वीकृतवान्? (नीम के पेड़ ने किसका नाम लिया?)
A. धर्मचन्दस्य (धर्मचंद का)
B. मनोहरस्य (मनोहर का)
C. राज्ञः (राजा का)
D. जनानाम् (लोगों का)
7. मनोहरः सत्यं प्रमाणितुं किं कृतवान्? (मनोहर ने सत्य साबित करने के लिए क्या किया?)
A. कोषं उद्घाटितवान् (तिजोरी खोली)
B. अग्निं प्रज्वालितवान् (आग लगाई)
C. धनं वापरेण दत्तम् (धन लौटाया)
D. राज्ञः शरणं गच्छत् (राजा के पास गया)
9. राजा तं जनं किमर्थं कारागारे निक्षिप्तवान्? (राजा ने उसे जेल क्यों भेजा?)
A. छद्मयोजनाय (धोखाधड़ी के लिए)
B. धनं चोरणाय (धन की चोरी के लिए)
C. राज्ञः वचनं अवज्ञाय (राजा के आदेश की अवहेलना के लिए)
D. अन्यस्यान्यायाय (दूसरों के साथ अन्याय के लिए)
10. राजा मनोहराय किं दत्तवान्? (राजा ने मनोहर को क्या दिया?)
A. धनम् (धन)
B. पुरस्कृतम् (पुरस्कार)
C. पदम् (पद)
D. सपुरस्कारम् धनम् (धन और पुरस्कार)
11. धर्मचन्दः कोऽसौ? (धर्मचंद कौन था?)
A. मनोहरस्य मित्रम् (मनोहर का मित्र)
B. राज्ञः सचिवः (राजा का मंत्री)
C. साधुः (संत)
D. व्यापारीः (व्यापारी)
12. मनोहरः सत्यनिष्ठः कथं सिद्धः? (मनोहर सत्यनिष्ठ कैसे साबित हुआ?)
A. अग्निपरीक्षया (अग्नि परीक्षा से)
B. धनं पुनः दत्त्वा (धन लौटाकर)
C. राज्ञः सहाय्येन (राजा की मदद से)
D. वृक्षस्य वचनेन (पेड़ के कथन से)
13. धर्मचन्दः धनं कुत्र निक्षिप्तवान्? (धर्मचंद ने धन कहाँ रखा?)
A. वृक्षस्य कोषे (पेड़ के कोटर में)
B. गृहे (घर में)
C. नदीतटे (नदी किनारे)
D. निम्बवृक्षस्य मूले (नीम के पेड़ की जड़ में)
15. राजा कथं धर्मचन्दस्य छद्मं ज्ञातवान्? (राजा ने धर्मचंद का धोखा कैसे जाना?)
A. वृक्षस्य वचनात् (पेड़ के कथन से)
B. कोटरात् वृद्धस्य आगमनात् (कोटर से वृद्ध के बाहर आने से)
C. जनानां वचनात् (लोगों की बात से)
D. सैनिकस्य सहायतया (सैनिक की मदद से)
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