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1. निम्नलिखित में से किस संकुल आयन में दृश्य प्रकाश को अवशोषित करने की संभावना नहीं है?
A. [Ni(CN)4]2-
B. [Cr(NH3)6]3+
C. [Fe(H2O)6]2+
D. [Ni(H2O)6]2+
2. संकुल [PdCl2(H2O)2(NH3)2]2+ की असमान विशेषताए है
A. प्रतिचुंबकीय
B. निम्न चक्रण
C. ज्यामितीय समावयवता
D. फलकीय और रेखांशिक रूप
3. किसमें π बंधन शामिल नहीं है?
A. फेरोसीन
B. डाईबेंजीन क्रोमियम
C. जाइसे सॉल्ट
D. ग्रीन्यार अभिकर्मक
4. एक वर्ग समतलीय संकुल [Mabcd]±n के लिए संभव ज्यामितीय समावयवियों की संख्या है:
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
5. संकुल, [Pt(Py)(NH3)BrCl] में कितने ज्यामितीय समावयव होंगे?
A. 4
B. 0
C. 2
D. 3
6. संकुल [Mab(AB)2]n± के लिए कितने ज्यामितीय समावयव संभव हैं?
A. 5
B. 4
C. 3
D. 6
7. [NiCl2(PPh3)2], और [Ni(HDMG)2] और [Ni(CO)4] संकुलो में से Ni परमाणु की संकरण अवस्थाएँ क्रमशः हैं।
A. sp3,sp3,dsp2
B. sp3, dsp2,sp3
C. dsp2, dsp2,sp3
D. sp3,dsp2,dsp2
8. [Co(en)Br2Cl2]− द्वारा दिखाए गए संभावित ज्यामितीय समावयवी है
A. 2
B. 3
C. 4
D. 6
9. निम्नलिखित में से कौन-सा द्विदंती एकलऋणायन लिगेंड हैं?(a) एसिटिलसिटैनटो(b) ऑक्सलेटो आयन(c) डाईमेथिलग्लाइऑक्सीमेटोनीचे दिए गए संकेत का उपयोग करके निम्नलिखित उत्तर चुनिए:
A. केवल a
B. केवल a और c
C. केवल c
D. केवल b और c
10. MX2Y2 (M-धातु आयन; X, Y एकदंती लिगेंड) प्रकार का एक उपसहसंयोजक यौगिक, या तो एक चतुष्फलकीय या एक वर्ग समतलीय में ज्यामिति हो सकता है। इन दो मामलों में संभव समावयवीयों की अधिकतम संख्या क्रमशः है:
A. 1 और 2
B. 2 और 1
C. 1 और 3
D. 3 और 2
11. धातु कार्बोनिल के बारे में कौन सा सही नहीं है?
A. यहाँ CO लुईस क्षार के साथ-साथ लुईस अम्ल के रूप में कार्य करता है
B. यहाँ धातु लुईस क्षार के साथ-साथ लुईस अम्ल के रूप में कार्य करता है
C. यहाँ dπ−pπ पश्च बंधन होती है
D. यहाँ pπ−pπ पश्च बंधन होती है
12. IUPAC पद्धति के अनुसार यौगिक [Cu (NH)3)4](NO3)2 का सही नाम है:
A. क्यूप्रअमोनियम नाइट्रेट
B. टेट्राएम्मीनकॉपर (II) डाइनाइट्रेट
C. टेट्राएम्मीनकॉपर (II) नाइट्रेट
D. टेट्राएम्मीनकॉपर (I) डाइनाइट्रेट
13. गलत स्थायित्व क्रम चुनिए:
A. [Cu(NH3)4]2+<[Cu(en)2]2+<[Cu(trien)]2+
B. [Fe(H2O)6]3+<[Fe(NO2)6]3−<[Fe(NH3)6]3+
C. [Co(H2O)6]3+<[Rh(H2O)6]3+<[Ir(H2O)6]3+
D. [Cr(NH3)6]1+<[Cr(NH3)6]2+<[Cr(NH3)6]3+
14. π-लिगेंड जो अपने संकुल यौगिक में सहक्रियात्मक संबंध के दौरान अपने d-कक्षक का उपयोग करता है।
A. CN−
B. PR3
C. NO
D. N2
15. FeSO4 , NO के लिए एक बहुत अच्छा अवशोषक है, इस प्रक्रम से बनने वाले नए यौगिक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या पाई जाती है:
A. 4
B. 5
C. 3
D. 6
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