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1. बिहारी के दोहे किस काल के कवि माने जाते हैं?

2. बिहारी को किस प्रकार के कवि के रूप में जाना जाता है?

3. 'गागर में सागर' का क्या अर्थ है?

4. बिहारी के दोहे किस प्रकार के भावों में विभाजित हैं?

5. दोहों में किसका उल्लेख ‘लाल’ के रूप में किया गया है?

6. 'जपमाला, छापै, तिलक' दोहे में क्या व्यर्थ बताया गया है?

7. 'जेतो नीचौ हवै चलै तेतो ऊँचो होय' में कौन सी विशेषता दर्शाई गई है?

8. बिहारी का कौन-सा दोहा भक्ति को दर्शाता है?

9. 'नर की अरु नल नीर की गति' में किसका उपदेश है?

10. 'बतरस-लालच' का क्या अर्थ है?

11. बिहारी का दोहा 'गागर में सागर' का कौन सा गुण दर्शाता है?

12. बिहारी के दोहे में 'नीर' का अर्थ क्या है?

13. 'संगति सुमति न पावही' में क्या संकेत मिलता है?

14. 'जपमाला, छापै' में क्या सुझाव दिया गया है?

15. 'गुनन बिनु' का क्या अर्थ है?

16. 'बतरस-लालच' दोहे में कौन सी वस्तु छुपाई गई है?

17. 'जेतो नीचौ हवै' दोहे में विनम्रता से क्या प्राप्त होता है?

18. 'दई दई क्यौं करतू है' में 'दई' का क्या अर्थ है?

19. 'सुमति' शब्द का अर्थ क्या है?

20. 'कनक' का क्या अर्थ है?