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1. एक LCR परिपथ में अनुनाद प्रस्तुत होता है, जब : (व्यंजकों के जकों के अर्थ सामान्य है )
A. WL = 1/WC
B. WL = WC
C. W (L+1/C) = 0
D. इनमें से कोई नहीं
2. प्रत्यावर्ती धारा परिपथ के LCR श्रेणी संयोजन में वोल्टेज प्रत्येक L,C,R घटक में 50 वोल्ट है। वोल्टेज LC संयोजन के बीच होगा :
A. 50 Volt
B. 25 Volt
C. 100 Volt
D. 0 Volt
3. प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में यदि धारा I एवं वोल्टेज के बीच कलान्तर α हो तो धारा का वाटहीन घटक होगा :
A. Icosaα
B. Isinα
C. Itanα
D. इनमें से कोई नहीं
4. किसी प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में धारा एवं विभवान्तर के बीच कलान्तर θ है। तब शक्ति गुणांक होगा :
A. cosθ
B. sinθ
C. tanθ
D. 1θ
5. चोक कुण्डली का कार्य सिद्धान्त निम्न पर आधारित है :
A. कोणीय संवेग संरक्षण
B. स्वप्रेरण
C. अन्योन्य प्रेरण
D. संवेग संरक्षण
6. एक उच्चायी परिमापित्र में कण्डलियों में फेरों की संख्या में प्रथांमक में N1 तथा द्वितीयक में N2 तक
A. N1 = N2
B. N1 < N2
C. N1 > N2
D. इनमें से कोई नहीं
7. A.C. का समीकरण i = 50 sin 100t है तो धारा की आवृत्ति होगी –
A. 50π हर्ट्ज
B. 50/π हर्ट्ज
C. 100 π हर्ट्ज
D. 100/π हर्ट्ज
8. युक्ति जो वोल्टता को बढ़ा देता है उसे क्या कहते हैं ?
A. प्रतिरोध
B. अपचायी ट्रांसफॉर्मर
C. उच्चायी ट्रांसफॉर्मर
D. ट्रांसफॉर्मर
9. LC परिपथ की दोलन की आवृत्ति ƒहै। यदि धारिता एवं प्रेरकत्व दोनों दुगुना कर दिया जाए तो उसकी आवृत्ति होगी –
A. ƒ/4
B. 2ƒ
C. 4ƒ
D. ƒ/2
11. एक चोक कुण्डली का व्यवहार परिपथ में धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है –
A. केवल a.c. परिपथ में
B. केवल d.c. परिपथ में
C. दोनों a.c. तथा d.c. परिपथों में
D. इनमें से कोई नहीं
12. LCR परिपथ में धारिकत्व को C से बदलकर 4C कर दिया जाता है। समान अनुनादी आवृत्ति के लिए प्रेरकत्व को L से बदलकर होना चाहिए।
A. 2L
B. L/2
C. L4
D. 4L
13. अपचायी ट्रान्सफॉर्मर बढ़ाता है –
A. धारा
B. वोल्टता
C. वाटता
D. इनमें से कोई नहीं
14. LCR परिपथ में धारा के महत्तम मान के लिए होता है –
A. ω2 = LC
B. ω2 = 1/LC
C. ω = 1/LC
D. ω = √¯LC
15. प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखतः है –
A. जूल ऊष्मन
B. पेल्टियर ऊष्मन
C. टॉमसन प्रभाव
D. इनमें से कोई नहीं
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