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1. एक इलेक्ट्रॉन V वेग से समरूप चुम्बकीय क्षेत्र B के समानान्तर चलता है, तो इलेक्ट्रॉन द्वारा अनुभव किया गया महत्तम बल होगा
A. BeV
B. eV / B
C. B / eV
D. Zero
2. एक वोल्टमीटर का प्रतिरोध G ओम है तथा परास V वोल्ट है। इसकी परास को बढ़ाकर nV करने हेतु श्रेणीक्रम में आवश्यक प्रतिरोध होगा :
A. nG
B. (n – 1)G
C. G / n
D. G / n – 1
3. त्वरित आवेश उत्पन्न करती है :
A. अल्फा किरणें
B. गामा किरणें
C. बीटा किरणें
D. विद्युत चुम्बकीय तरंग
4. 30°C पर आवेशित कण चुम्बकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। उसका पथ हो जाता है –
A. वृत्ताकार
B. हेलिकल
C. दीर्घवृत्तीय
D. सीधी रेखा
5. एक गैलवेनोमीटर की सुग्राहिता 60 भाग/ऐम्पियर है। यदि गैलवेनोमीटर का प्रतिरोध 20Ω है तो व्यवहार किये शंट का मान होगा –
A. 4Ω
B. 5Ω
C. 20Ω
D. 20 / 7 Ω
6. जब किसी आम्मापी को शंट किया जाता है तो इसकी सीमा क्षेत्र –
A. बढ़ती है
B. घटती है कि पर
C. स्थिर होती है।
D. इनमें से कोई नहीं
8. विधुत धारा के चुम्बकीय प्रभाव की खोज की थी –
A. ऐम्पियर ने
B. ऑस्ट्रेड ने
C. फ्लेमिंग ने
D. फैराडे ने
10. धारावाही वृत्तीय कुंडली के केन्द्र पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र रहता है
A. कुण्डली के तल में
B. कुण्डली के तल के लम्बवत्
C. कुण्डली के तल से 45° पर
D. कुण्डली के तल से 180° पर
11. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है –
A. सीधे धारावाही तार से
B. वृत्तीय लूप में धारा के प्रवाह से उसके केन्द्र पर का
C. वृत्तीय लूप में धारा के प्रवाह से उसकी अक्ष पर
D. परिनालिका में धारा के प्रवाह से उसके भीतर
12. लॉरेन्ज बल की दिशा ज्ञात करने का नियम है
A. फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम
B. फ्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम विपरित
C. मैक्सवेल का दाएँ हाथ का कार्क-स्क्रू नियम, कामको
D. ऐम्पियर का तैरने का नियम
13. एक तार में विधुत धारा पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित हो रही है जो कि उत्तर की ओर दिष्ट चुम्बकीय क्षेत्र में रखा है तो तार पर कार्यशील बल की दिशा होगी –
A. पूर्व की ओर
B. पश्चिम की ओर
C. ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर
D. ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर
14. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र B में I लम्बाई का एक चालक चुम्बकीय क्षेत्र की बल यो रेखाओं के समानान्तर रखा हुआ है। यदि चालक में I धारा I बहती है तो इस पर लगने वाला बल है –
A. IBI
B. IB / l
C. शून्य
D. Il / B
15. चल कुण्डली धारामापी में कुण्डली के मध्य नरम लोहे की क्रोड रखते है ताकि –
A. चुम्बकीय क्षेत्र समरूप हो जाए
B. चुम्बकीय क्षेत्र का मान प्रबल एवं त्रैज्य हो
C. चुम्बकीय क्षेत्र केवल त्रैज्य हो
D. कुण्डली का प्रतिरोध शून्य हो।
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