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1. अलग-अलग त्रिज्याओं के दो गोलों पर समान आवेश दिये जाते हैं तो विभव होगा

2. त्रिज्या 1 cm के दो चालक गोले 1m से वियुक्त हैं। दोनों पर समान आवेश 1mC दिया गया है। एक गोले का विभव v० है। अनंत पर विभव शून्य है। दूरी से सम्पर्क में लाने में किया गया कार्य –

3. X-अक्ष पर x = 0 पर q तथा x = a पर 2q आवेश रखे हैं। विभव ν का मान शून्य होगा –

4. किसी बिन्दु P से r दूरी पर आवेश Q रखा गया है।P पर विभव V है। Pसे दुरी पर पूर्व आवेश से अलग अतिरिक्त आवेश -Q रखा जाता है।P पर विभव हो जाएगा –

5. दो धनावेशों (q) को एक-दूसरे से ‘a’ दूरी पर लाने में 2mJ कार्य करना पड़ता है। आवेशों q एवं -q को एक-दूसरे से दूरी पर लाने में कार्य होगा –

7. एक चालक खोखले गोले के केन्द्र पर आवेश Q है। चालक पर नेट आवेश शून्य है। चालक की भीतरी सतह पर आवेश होगा

8. एक चालक खोखले गोले के केन्द्र पर आवेश Q है। चालक पर नेट आवेश शून्य है। चालक की केन्द्र से क्षेत्र रेखाएँ –

9. त्रिज्या 1cm के दो चालक गोले 1m से वियुक्त हैं। दोनों पर समान आवेश 1 mc दिया गया है। एक गोले का विभव v० है। अनंत पर विभव शून्य है। अब दोनों गोलों को सम्पर्क में लाया जाता है। सम्पर्क में स्थित गोलों के लिए –

10. यदि एक प्रोटॉन को एक दूसरे प्रोटॉन के नजदीक लाया जाता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा-

11. यदि 1000 बूंदें (समान आकार) एवं जिनमें प्रत्येक की धारिता 5μF, मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती है तो बड़ी बूंद की धारिता होगी –

13. 64 समरूप बूंदें जिनमें प्रत्येक की धारिता 5 μF है मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़े बूंद की धारिता क्या होगी ?

14. इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) द्वारा मापा जाता है

15. 2 कलम्ब आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में 20 जूल कार्य की आवश्यकता होती है। इन दोनों बिन्दुओं के बीच वोल्ट में विभवान्तर है –