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1. यदि समरूप विधुत क्षेत्र Z-अक्ष के अनुरूप हो तो समविभव होगा :

2. प्रत्येक r त्रिज्या तथा qआवेश से आवेशित आठ छोटे बूंदों को मिलाकर एक बड़ा बूंद बनाया जाता है तो बड़े बूंद की स्थितिज ऊर्जा प्रत्येक छोटे बूंद की तुलना में –

3. एक समांतर प्लेट संधारित्र में परावैधुतांक 6 वाला परावैधुत भरना है। प्लेटों के बीच की दूरी कितनी गुनी कर देने पर धारिता पूर्ववत् बनी रहेगी ?

4. एक गोलीय चालक आविष्ट किया जाता है। इसके केन्द्र पर वैधुत क्षेत्र की तीव्रता होगी

5. समानान्तर प्लेट संधारित्र के प्लेटों के बीच परावैधुत पदार्थ डालने पर संधारित्र की धारिता –

6. एक एकाकी चालक के लिए निम्न में से कौन अनुपात अचर होता है ?

7. वैधुत क्षेत्र में किसी द्विध्रुव को घुमाने में किया गया कार्य होता है –

8. यदि समरूप विधुत क्षेत्र x-अक्ष की दिशा में विद्यमान है, तो सम-विभव होगा –

9. 5 सेमी० त्रिज्या का एक धातु का खोखला गोला इस प्रकार आवेशित किया गया है कि इसके पृष्ठ पर विभव 10 volt गोले के केन्द्र पर विभव है –

10. 5μF धारिता वाले संधारित्र को 20 kV तक आवेशित करने में आवश्यक ऊर्जा का मान है –

11. यदि दो आवेशों की दूरी बढ़ा दी जाये तो आवेशों के विधुतीय स्थितिज ऊर्जा का मान –

12. किसी संधारित्र की धारिता व्युत्क्रमानुपाती होती है

13. चित्र में प्लेट A पर आवेश होगा –

14. किसी विभवमापी की संवेदनशीलता को बढ़ाने के लिए –