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1. जोतदारों के पास उनकी भूमि का एक बड़ा भाग किसके माध्यम से जोता जाता था?

2. ज़मींदारों के अधिकारों को सीमित करने के लिए कंपनी ने क्या किया?

3. बंगाल में ज़मींदारी व्यवस्था की मुख्य समस्या क्या थी?

4. जोतदारों का प्रभाव अधिकतर किस क्षेत्र में था?

5. ज़मींदारों को नियमित राजस्व देने में चूक क्यों होती थी?

6. 1793 से 1801 के बीच नीलाम हुई संपत्ति का कितने प्रतिशत फर्जी था?

7. राजस्व संग्रह के समय कौन गाँव में जाता था?

8. जोतदारों को क्या कहा जाता था जो स्थानीय व्यापार और साहूकारी पर नियंत्रण रखते थे?

9. स्थायी बंदोबस्त का उद्देश्य क्या था?

10. ‘सूर्यास्त कानून’ के तहत यदि समय पर कर नहीं चुकाया जाता, तो क्या होता था?

11. कौन-सा वर्ग ज़मींदारों को कर देने में प्रमुख रूप से विफल रहता था?

12. 1793 के बाद कितने प्रतिशत ज़मींदारियाँ हस्तांतरित कर दी गई थीं?

13. जोतदारों का कृषि पर कितना नियंत्रण था?

14. ‘जोतदार’ शब्द का उपयोग किसके लिए किया जाता था?

15. राजस्व भुगतान की प्रणाली को क्या कहा जाता था?

16. स्थायी बंदोबस्त में ज़मींदारों की भूमिका क्या थी?

17. जोतदारों ने अपनी शक्ति किस प्रकार बढ़ाई?

18. कंपनी की स्थायी राजस्व नीति का असर किस पर पड़ा?

19. कौन-सा वर्ग ज़मीन की नीलामी में शामिल नहीं था?

20. जोतदार मुख्य रूप से किसके विरोध में रहते थे?