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1. ज़मींदारों को किसे नियमित रूप से भुगतान करना पड़ता था?

2. ‘फ़र्जी बिक्री’ किसकी रणनीति थी?

3. किस रिपोर्ट में ज़मींदारों और रैयतों का विस्तृत विवरण था?

4. जोतदारों की शक्ति किसके विपरीत थी?

5. शिकमी रैयत के पास उपज का कितना हिस्सा जोतदार को देना होता था?

6. नीलामी में खरीदने वालों में अधिकतर कौन होते थे?

7. किसी ज़मीन की नीलामी में बोली लगाने वालों के थक जाने पर क्या होता था?

8. राजस्व भुगतान में चूक होने पर क्या किया जाता था?

9. ज़मींदारों की सैन्य-टुकड़ियों का क्या किया गया?

10. कंपनी ने किसे न्याय और पुलिस की शक्ति से वंचित किया?

11. कलेक्टर को किस प्रकार की शक्ति दी गई?

12. जोतदार किस प्रकार ज़मींदारों को चुनौती देते थे?

13. तालुकदारों की भूमिका क्या थी?

14. कंपनी की नीति से किस वर्ग का निर्माण हुआ?

15. जोतदारों की संपत्ति का बड़ा भाग कैसे उपयोग में आता था?

16. किस रिपोर्ट को 1813 में ब्रिटिश संसद में पेश किया गया?

17. जोतदार और रैयत का संबंध मुख्य रूप से किस पर आधारित था?

18. कंपनी ने ज़मींदारों को नियमित रूप से राजस्व देने के लिए क्या किया?

19. 1793 में स्थायी बंदोबस्त किसके तहत लागू किया गया था?

20. जोतदारों का उदय किस समय हुआ?