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1. एक पिण्ड एक वृत्त पर नियत कोणीय वेग से गति कर रहा है। कोणीय त्वरण का परिमाण है।
A. r ω²
B. नियत
C. शून्य
D. उपरोक्त में से कोई नहीं
2. m द्रव्यमान का एक कण R त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में एक समान चाल से घूम रहा है। कण व्यास के एक सिरे से दूसरे सिरे पर जाता है, तो :-
A. गतिज ऊर्जा =1/2mv2 से परिवर्तित होती है।
B. गतिज ऊर्जा mv2 से परिवर्तित होती है।
C. संवेग में परिवर्तन नहीं होगा।
D. संवेग में परिवर्तन 2 mv होगा।
3. 50 cm सेमी लम्बी डोरी से एक पत्थर को बाँधकर क्षैतिज वृत्ताकार पथ में नियत चाल से घुमाया जाता है। यदि पत्थर 20s में 10 चक्कर लगाता हो तो पत्थर का त्वरण है :-
A. 493 cm/s²
B. 720 cm/s²
C. 860 cm/s²
D. 990 cm/st
4. किसी कण की असमान त्वरित वृत्तीय गति के लिये :
A. वेग त्रिज्यीय है तथा त्वरण केवल अनुप्रस्थ है।
B. वेग अनुप्रस्थ है तथा त्वरण केवल त्रिज्यीय है
C. वेग त्रिज्यीय है तथा त्वरण के त्रिज्यीय व अनुप्रस्थ दोनों घटक है
D. वेग अनुप्रस्थ है तथा त्वरण के त्रिज्यीय व अनुप्रस्थ दोनों घटक है
6. ‘M’ व ‘m’ द्रव्यमान के पिण्ड क्रमश: R वr त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गति कर रहे है। यदि इनका आवर्तकाल समान हो तो इनके कोणीय वेगों का अनुपात होगा :-
A. r/R
B. R/r
C. 1
D. √R/r
7. घड़ी की मिनिट की सुई का कोणीय वेग है :
A. π/30 rad/s
B. 8π rad/s
C. 2π /1800 rad/s
D. π/1800 rad/s
9. यदि कोई कण क्षैतिज वृत्त में एकसमान रूप से घूम रहा है, तो
A. कण पर कोई बल कार्यरत नहीं है
B. कण का वेग नियत है
C. कण का कोई त्वरण नहीं है
D. कोई कार्य नहीं किया गया है
10. वृत्ताकार पथ पर एक समान चाल से गतिशील कण का कोणीय त्वरण होगा :-
A. एक समान लेकिन अशून्य
B. शून्य
C. परिवर्ती
D. दी गयी सूचनाओं से ज्ञात नहीं किया जा सकता है।
11. वृत्ताकार गति करती हुई वस्तु की चाल तथा पथ की त्रिज्या दोनों को तिगुनी कर देने पर नया अभिकेन्द्रीय बल होगा :-
A. पहले से दुगुना
B. पहले के बराबर
C. पहले से तिगुना
D. पहले से एक तिहाई
12. जब एक वस्तु वृत्ताकार पथ पर एक समान चाल से गति करती है तो –
A. वस्तु में कोई त्वरण उपस्थित नहीं है।
B. वस्तु पर कोई बल कार्यरत नहीं है
C. इसका वेग नियत रहता है
D. इस पर कोई कार्य नहीं किया जाता है।
13. एक पेण्डुलम कार की छत से लटका हुआ है। जब कार वृत्तीय पथ पर चलती है, तो पेण्डुलम का झुकाव होगा :
A. आगे की ओर
B. पथ के केन्द्र की ओर
C. पीछे की ओर
D. पथ के केन्द्र से दूर
15. एक कण के वृत्तीय पथ की त्रिज्या दुगुनी कर दी जाती है, किन्तु घूर्णन आवृत्ति नियत रखी जाती है। यदि प्रारम्भिक अभिकेन्द्रीय बल F है
A. F
B. F/2
C. 4F
D. 2F
17. एकसमान वृत्तीय गति में, वेग सदिश तथा त्वरण सदिश होते है
A. एक दूसरे के लम्बवत्
B. एक ही दिशा में
C. विपरीत दिशा में
D. एक-दूसरे से सम्बन्धित नहीं होते है
18. एक डोरी में यदि तनाव 10 न्यूटन से अधिक हो जाए तो यह डोरी टूट जाती है। 250 ग्राम द्रव्यमान का एक पत्थर 10 cm लम्बी इस डोरी से बाँधकर क्षैतिज वृत्ताकार पथ में घुमाया जाता है। घूर्णन का अधिकतम कोणीय वेग हो सकता है-
A. 20 rad / s
B. 40 rad/s
C. 100 rad/s
D. 200 rad/s
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