Time Left:
600
sec
1. त्रिज्या 10m के एक वृत्तीय पथ पर एकसमान चाल = 10ms से गतिशील मोटरगाड़ी की छत से एक सरल लोलक निलंबित है। लोलक के धागे का ऊर्ध्वाधर से झुकाव होगा
A. π/6
B. π / 4
C. π /3
D. शून्य
2. एक कण R त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर घूमता है। परिक्रमण के आधे आवर्तकाल में कण का विस्थापन होगा
A. π R
B. 2R
C. 2 π R
D. πR2
3. जब कोई कण किसी वृत्त के चारों ओर घूमता है तो वह बल, जो इसे एकसमान गति से गतिमान रखता है, कहा जाता है
A. अभिकेंद्र बल
B. परमाणविक बल
C. आंतरिक बल
D. गुरुत्वाकर्षी बल
4. नियत चाल से एक वृत्त में चलती हुई वस्तु
A. त्वरित नहीं होती है।
B. का एक नियत वेग होता है
C. का अंदर की ओर वैज्य त्वरण होता है
D. का बाहर की ओर वैज्य त्वरण होता है
5. एक दृढ़ आधार से निलंबित 1 m लंबे अवितान्य धागे से बँधा 100g का एक शंक्वाकर लोलक ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः √5/ π चक्र प्रति सेकंड (rps) से क्षैतिज तल में वृत्तीय गति से घूमता है। धागे का ऊर्ध्वाधर से झुकाव क्या होगा ? (g= 10 m s-2)
A. 30°
B. 45°
C. 60°
D. 75°
6. जब दूध को मया (churned) जाता है, तो मक्खन इससे अलग होता है जिसका कारण है
A. गुरुत्वीय बल
B. घर्षण बल
C. अभिकेंद्र बल
D. संसंजक बल
7. डोरी के एक छोर में बंधी धातु की एक गेंद d त्रिज्या के ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमायी जाती है। डोरी को मात्र तना हुआ रहने के लिए उच्चतम बिंदु पर गेंद का न्यूनतम वेग
A. √5gd
B. gd
C. √gd
D. √2gd
9. मोड़ के निकट सड़कों को ढाल बनाया जाता है जिससे कि
A. मोटरगाड़ी का भार कम हो जाए
B. मोटरगाड़ी भीतर की ओर न गिर जाए
C. वृत्तीय गति के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल (centripetal force) उत्पन्न हो
D. मोटरगाड़ी के पहियों और सड़क के बीच घर्षण बल कम
10. एक साइकिलसवार v चाल से चलता हुआ वृत्तीय मोड़ पर, जिसकी त्रिज्या r है, मुड़ता है। ऊर्ध्वाधर से उसके झुकाव के कोण θ के लिए सूत्र होगा
A. tan θ = v2/rg
B. tan θ = v2g/r
C. tan θ = V2rg
D. tan θ = v2r/g
11. त्रिज्यावाले वृत्ताकार पथ के चारों ओर घूमती हुई एक मोटरसाइकिल की चाल, जबकि वह फेंका नहीं जाता है, v है। यदि टायर और जमीन के बीच घर्षण गुणांक (coefficient of friction) हो, तो का मान जिस व्यंजक से दिया जाता है, वह है
A. V/µg
B. vµg
C. 1/µ,v2/g
D. µ gv
12. 20 cm त्रिज्या के क्षैतिज वृत्तीय पथ पर एक कण 5 cm s-2 के एकसमान स्पर्शीय त्वरण से परिक्रमण करता है। कितने समय के बाद स्पर्शीय त्वरण का मान वैज्य त्वरण के बराबर हो जाएगा?
A. 4s
B. 3s
C. 1s
D. 2s
14. एकm द्रव्यमान का कण (r) त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गति करता है। कण का अभिकेन्द्रीय त्वरण होगा है।
A. 2m/r
B. 2m/ √r
C. 4m/r
D. 4m/√r
15. वृत्ताकार पथ पर गतिशील एक कार समान समयान्तराल में केन्द्र के परितः समान कोण बना रही है। कार के वेग के लिये निम्न में से कौनसा कथन सही है :-
A. वेग नियत है
B. वेग का परिमाण नियत परन्तु दिशा बदल रही है
C. वेग का परिमाण एवं दिशा दोनों बदल रही हैं
D. वेग वृत्त के केन्द्र की ओर दिष्ट होगा
16. एक कण 25 cm त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर 2 चक्कर प्रति सेकण्ड की दर से गति करता है, तो कण का त्वरण m/s2 में है :
A. π2
B. 8 π2
C. 4 π2
D. 2 π2
17. यदि एक कण वृत्तीय पथ पर गति करते हुये समान समय में समान कोण अन्तरित करता है, तो वेग सदिश
A. अचर रहता है
B. परिमाण में बदलता है।
C. दिशा में बदलता है
D. परिमाण तथा दिशा दोनों में बदलता है
18. 2 kg द्रव्यमान को धागे से बांधकर क्षैतिज वृत्ताकार पथ पर घुमाया जाता है इसकी प्रारम्भिक चाल 5 चक्कर प्रति मिनिट है। यदि वृत्त की त्रिज्या को नियत रखते हुये धागे में तनाव दुगुना हो जाये तो कण की नयी चाल लगभग होगी :-
A. 7 चक्कर प्रति मिनिट
B. 14 चक्कर प्रति मिनिट
C. 10 चक्कर प्रति मिनिट
D. 20 चक्कर प्रति मिनिट
19. एक कण पर नियत परिमाण का बल आरोपित किया जाता है जो कि सदैव कण के वेग के लम्बवत् होता है। कण की गति एक तल में होती है, तो :-
A. इसका वेग नियत है
B. इसकी गतिज ऊर्जा नियत है
C. इसका त्वरण नियत है
D. यह सरल रेखा में गति करता है।
20. m द्रव्यमान का एक गोलाकार पिण्ड, L लम्बाई की डोरी से बाँधकर क्षैतिज वृत्ताकार पथ पर v चाल से घुमाया जा रहा है। इसे पूर्ण क्षैतिज वृत्त में घुमाने में किया गया कार्य होगा :-
A. 0
B. ( mv2/l)2 π l
C. mg.2 π l
D. (mv2/l) L
Submit Test