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1. किसी पिण्ड का द्रव्यमान दोगुना तथा वेग आधा करने पर उसकी गतिज ऊर्जा हो जायेगी-

2. गतिमान कण की गतिज ऊर्जा विस्थापन वक्र की ढाल (slope ) है

3. कार्य ऊर्जा प्रमेय है।

4. समान संवेग से गतिशील दो ब्लॉक की गतिज ऊर्जा का अनुपात 41 है। उनके द्रव्यमान का अनुपात होगा

5. वेग v से ऊर्ध्वाधरतः प्रक्षेपित ब्लॉक की गतिज ऊर्जा किस ऊँचाई पर अपने प्रारंभिक मान का आधा हो जाएगा ?

6. यदि किसी पिंड पर F बल लगाया जाए और वह v वेग से चले, तो उसकी शक्ति होगी

7. किसी वस्तु के संवेग (momentum) को तिगुना करने से उसकी गतिज ऊर्जा हो जाएगी

8. पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट में होते हैं।

9. क्षैतिज दिशा से θ कोण पर प्रक्षेपित ब्लॉक की प्रारंभिक गतिज ऊर्जा है। यदि उच्चतम बिंदु पर गतिज ऊर्जा k/4 है, तो प्रक्षेपण कोण है

10. दो ब्लॉक A तथा B के लिए अनुपात होगा MA mp 4 तथा (KE) A = (KE) B, तो उनके रैखिक संवेग का

11. कार्य का S.I. मात्रक है।

12. एक भारोत्तोलक (weight lifter) 300 kg का भार 3s में जमीन से 2m की ऊँचाई तक उठा लेता है। उसके द्वारा वाट में उत्पन्न औसत शक्ति है

13. दो पिण्डों की प्रत्यास्थ टक्कर में-

15. यदि किसी पिण्ड का संवेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा हो जायेगी-

16. किसी संरक्षी निकाय (conservative system) की स्थितिज ऊर्जा / यदि सूत्र U = ax 2 – bx से व्यक्त हो, जहाँ a तथा b नियतांक हों, तो निकाय पर लगनेवाले बल F के लिए जो व्यंजक मान्य होगा, वह है

17. एक मशीन 200 जूल कार्य 8 सेकण्ड में करती है। मशीन की सामर्थ्य होगी-